NIOS INDIAN CULTURE AND HERITAGE (223) | IMPORTANT QUESTIONS AND ANSWERS- HINDI-MEDIUM

 

ICH (223)

Important and Questions And Answers(20-21)

प्रश्न:- संस्कृति की सामान्य विशेषताएं क्या क्या है? 

 उत्तर:- संपूर्ण संसार की विभिन्न संस्कृतियों में समान निम्नलिखित हैं

i) संस्कृति सीखी जाती है और प्राप्त की जाती है, अर्थात मानव के द्वारा संस्कृति को प्राप्त किया जाता है इस अर्थ में कि कुछ निश्चित व्यवहार हैं जो जन्म से या अनुवांशिकता से प्राप्त होते हैं, व्यक्ति कुछ गुण अपने माता-पिता से प्राप्त करता है लेकिन सामाजिक सांस्कृतिक व्यवहारों को पूर्वजों से प्राप्त नहीं करता हैं। वे पारिवारिक सदस्यों से सीखे जाते हैं, इन्हें वे समूह से और समाज से जिसमें वे रहते हैं ओम से सीखते हैं। यह स्पष्ट है कि मानव की संस्कृति शारीरिक और सामाजिक वातावरण से प्रभावित होती है। जिनके माध्यम से हुए कार्य करते हैं। 

 ii) संस्कृति लोगों के समूह द्वारा बांटी जाती हैं- एक  सोच या विचार या कार्य को संस्कृति कहा जाता है यदि यह लोगों के समूह के द्वारा बांटा और माना जाता या अभ्यास में लाया जाता है।

 iii) संस्कृति परिवर्तनशील होती है- ज्ञान, विचार और परंपराएं नहीं संस्कृति के साथ आदतन होकर जुड़ते जाते हैं। समय के बीतने के साथ ही किसी विशिष्ट संस्कृति में सांस्कृतिक परिवर्तन संभव होते जाते हैं। 

 iv) संस्कृति गतिशील होती है- कोई भी संस्कृति ऐसी दशा में या अस्थाई नहीं होती है। जैसे समय बीतता है संस्कृति निरंतर बदलती है और उसमें नये विचार और नये कौशल जुड़ते चले जाते हैं और पुराने तरीकों में परिवर्तन होता जाता है। यह संस्कृति की विशेषता है जो संस्कृति की विशेषता है जो संस्कृति की संचयी प्रवृत्ति से उत्पन्न होती है। 

 प्रश्न:- गुप्तकाल के सिक्कों की क्या विशेषताएं थी? 

 उत्तर:- गुप्तकाल की कलात्मक अभिव्यक्ति का अनुमान गुप्तकाल में विभिन्न प्रकार के सिक्कों पर की गई कारीगरी और डिजाइनों द्वारा किया जा सकता है। सामान्य योजना के अनुसार सिक्के के एक ओर राजा का चित्र होता था और दूसरी ओर किसी देवी-देवता को उससे संबंधित प्रतीक के साथ चित्रित किया जाता था। राजा को चित्र में कई रूपों में कभी शेर या चीते का शिकार करते हुए या सिंहासन पर बैठाकर कोई संगीत बाद्द यंत्र बजाते हुए दिखाया जाता था। सिक्के के दूसरे ओर अधिकतर धन की देवी लक्ष्मी या कुछ सिक्कों पर  विद्या की देवी सरस्वती का चित्र अंकित होता था।  

 प्रश्न:- भारत में ईसाई धर्म कैसे आया? 

 उत्तर:- भारत में ईसाई धर्म:- परंपरा के अनुसार इसाई धर्म को भारत में संत थामस प्रथम शताब्दी ईसा पूर्व में लेकर आए थे। दंत कथाओं के अनुसार पार्थियन बादशाह गोंडोफनीरस (19-45 पश्चात) ने सीरिया में एक कुशल वास्तुविद की तलाश में अपना दूत भेजा जो उसके लिए एक नया शहर बना सके। दूत अपने साथ संत थामस को लेकर आया जिसने उस बादशाह तथा उसके दरबार के अन्य सभासदों को इसाई बना दिया। यह दन्तकथा संदिग्ध है। सम्भवतः भारत और पश्चिम के बीच जो व्यापार संबंध बढ़े, उन्हीं के कारण ईसा मसीह के शिष्य संत को भारत लाया गया। व्यापारी, शिल्पकार आदि प्रचलित स्थलीय और समुद्री मार्गो से यात्राएं किया करते थे।संत थॉमस ने भारत के बहुत से भागों में ईसाई धर्म का प्रचार किया।

 प्रश्न:- अशोक के शिलालेख कहां कहां मिलते हैं? 

 उत्तर:- अशोक के शिलालेख बिहार के लौरिया नंदनगढ़ में प्राप्त हुए हैं। यह 32 फीट लंबे खंभों के ऊपर 50 टन की बैठे हुए शेर की मूर्ति है, जो उत्कृष्ट अभियांत्रिकी चमत्कार का उदाहरण है। रामपुरा का स्तंभ जिस पर बैल की मूर्ति बनी है, मोर्य शिल्पकला का उत्कृष्ट उदाहरण है। सबसे अधिक प्रसिद्ध स्तंभ सारनाथ में है जिसके ऊपर चार सिंह तथा धर्म चक्र बना हुआ है। आप इससे परिचित ही है क्योंकि यही आधुनिक भारत गणराज्य की राष्ट्र मुद्रा के रूप में स्वीकृत कर लिया गया है। 

NIOS NOTES ALSO PROVIDED 

CONTACT NO.8638447739,WHATSAPP NO.9085652867

 

 

Post a Comment

0 Comments