NIOS HINDI (301) | IMPORTANT QUESTIONS AND ANSWERS- HINDI-301

 

NIOS HINDI (301)

IMPORTANT QUESTIONS AND ANSWERS

 प्रश्न:- तुलसीदास पाठ से आपने क्या सीखा? संक्षेप में बताइए। 

 उत्तर:- तुलसीदास ने इस पाठ में भरत के प्रति राम के प्रेम और आदर भाव को प्रकट किया है। इस प्रेम में वशीभूत होने के कारण भरत राम को अयोध्या लौटाने के लिए वन प्रदेश आते हैं। भरत ने गुस्से के कारण अपनी माता को कठोर वचन कहे हैं, उनका उन्हें पश्चाताप भी है। तुलसीदास अवधी भाषा का प्रयोग करते हैं। शब्दों का प्रयोग बहुत चतुर ता के साथ करते हैं। दोहा, चौपाई उनके प्रिय छंद हैं और उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, दृष्टांत, अलंकार उनकी कविता में विशेष रूप से स्थान प्राप्त करते हैं। 

 प्रश्न:- वसंत में वृक्षों में क्या-क्या परिवर्तन दिखाई देते हैं?  

 उत्तर:- बसंत में वृक्षों में नई कोंपले आ जाते हैं। चारों और पेड़ पौधे फूल और फलों से लदे दिखाई देते हैं। 

 प्रश्न:- मीरा की भाषा की विशेषताएं उदाहरण देकर बताइए। 

 उत्तर:- मीराबाई की भाषा राजस्थानी है लेकिन गुजराती और ब्रज मिश्रित है। कुछ आलोचक इसकी काव्य भाषा को ब्रजभाषा मानते हैं। खड़ी बोली के पूर्व रूप भी मीरा के काव्य में यत्र-तत्र देखे जा सकते हैं।

 प्रश्न:- रैदास का जीवन परिचय दीजिए। 

 उत्तर:- संत कवियों ने अपने संबंध में कोई विशेष जानकारी नहीं दी है। उनके शिष्यों ने ही कभी उनके बारे में थोड़ा बहुत लिख दिया तो वह दिगर बात है। रैदास के अनेक ग्रंथों में अनेक नाम हैं। किंतु अधिकतर विद्वान इनका नाम रैदास ही मानते हैं। कुछ पद ऐसे भी हैं,जिनके आधार पर उनकी जाति,कुल , परिवार तथा निवास की स्थिति का कुछ ब्योरा मिल जाता है। भक्ति काल में उपलब्ध जानकारी के अनुसार रैदास रामानंद के शिष्य थे। कई साक्ष्यों के अनुसार कबीर और रैदास समकालीन कवि थे। कबीर रैदास से कुछ छोटे थे। ऐसा अनुमान किया जा सकता है कि ये पंद्रहवीं शताब्दी में हुए होंगे। कुछ ऐसे भी किंवदंती प्रसिद्ध है कि रैदास को मीरांबाई ने अपना गुरु माना था। एक किंवदंती यह भी है कि ये देश में जीवन भर ब्राह्मण का अपने सिद्धांतों का प्रचार करते रहे। सन 1684 में चित्तौड़ में इन्होंने अपनी पत्नी को त्याग दिया। संत रैदास ने कितनी रचनाएं की हैं; इस संदर्भ में ठीक से जानकारी नहीं मिल पाई है। जो कुछ थोड़ी बहुत उपलब्ध है, उनमें रैदास बानी, रैदास की साखी तथा पद, प्रहलाद लीला आदि प्रमुख हैं। 

 प्रश्न:- कवि ने किन व्यक्तियों के यमपुर जाने की बात की है और क्यों? 

 उत्तर:- कवि ने कहा है कि ईश्वर भक्ति सच्चा हीरा है। जो इसे छोड़कर सांसारिक भोग विलास में मन लगाता है, मोह-माया में फंसे रहना चाहता है, वह यमलोक जाएगा। 

 प्रश्न:- रैदास ने अपने काव्य में किस प्रकार की भाषा का प्रयोग किया है, उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए। 

 उत्तर:- रैदास ने अपने काव्य में ब्रज भाषा का प्रयोग किया है। लेकिन कहीं-कहीं अवधि उर्दू और फरसी के शब्द भी मिलते हैं। 

ब्रज- जिह कुल साधू बैसनो होइ। 

बरन अबरन रंकु नहिं ईसुरू बिमल बासु जानिऐ जग सोहा। 

पूर्वी अवधी के शब्द - मति, बुद्धि , गन,तोर आदि। 

खड़ी बोली की विभक्ति तथा उर्दू-फारसी के शब्दों का प्रयोग- गरीब , निवाजु। 

स्थानीय शब्दों का प्रयोग- जैसे- सूं । 

 प्रश्न:- ईश्वर-भक्ति से संसारिक एक व्यक्ति को क्या लाभ मिलता है? 

 उत्तर:- ईश्वर भक्ति से संसारिक व्यक्ति मोह-माया के जंजाल से मुक्त हो जाता है। उसे शांति प्राप्त होती है और फिर ईश्वर की प्राप्ति होती है। 

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