NIOS HINDI (201) | Important questions and answers- HINDI (201)

 

Hindi (201)

Important questions and answers

प्रश्न :- मानवीकरण क्या है? 'बूढ़ी पृथ्वी का दु:ख' कविता में किनका मानवीकरण हुआ है? 

 उत्तर:- कवियत्री ने अपनी कविता में प्राकृतिक संसाधनों का मानवीकरण किया है; जैसे-नदियों को अंधेरे में मुंह छुपाकर रोना, पेड़ों का सपने में चीखना या भयभीत होना और बचाव के लिए हाथ हिलाना, हवा का खून की उल्टियां करना, पत्थरों का चीखना-  चिल्लाना, पृथ्वी का बूढ़ी स्त्री के रूप में मानवीकरण किया है। कवियत्री द्वारा मानवीकरण का आशय मानव द्वारा प्रकृति के बारे में सोचना और उसका बचाव करने से है। 

 प्रश्न:- 'बीती विभावरी जाग री' कविता में अंबर को पनघट क्यों कहा गया है? 

उत्तर:- आकाश से रात की काली मां दूर हो गई है और आसमानी रंग दिखने लगा है।क्योंकि पानी का रंग भी आसमानी ही दिखता है; इसीलिए यहां आकाश की कल्पना पानी भरने से घाट (पनघट) के रूप में की गई है। 

 प्रश्न:- 'उनको प्रणाम' कविता में सीमित साधनों के होते हुए भी कुछ लोग बड़ी चुनौती का सामना क्यों करते हैं? 

 उतर:- महानायक वे भी हैं, जो बड़े उद्देश्यों को पूरा करने के लिए जीवन भर जूझते रहे और संकटों के बावजूद जिन्होंने हार नहीं मानी। भले ही साधनों के अभाव, परिस्थितियों की प्रतिकूलता तथा दमन करने वालों ने उनके सपनों को पूरा नहीं होने दिया। कवि फल को नहीं वरन् कर्म को प्रधानता देता है। वह मानता है कि कर्मठ लोगों का संघर्ष व्यर्थ नहीं जाता है। क्योंकि आने वाली पिढ़ियां इस संघर्ष को आगे ले जाती हैं और अंततः मानव समाज उनके फल का सुख भोगता है। 

 प्रश्न:-'चंद्रग्रहना से लौटती बेर' कविता में झपटकर मछली पकड़ने वाली चिड़िया से मानव समाज के किन लोगों की ओर संकेत किया गया है?

 उत्तर:- यह पंक्ति कुछ चालाक लोगों की ओर संकेत करती है। चालाक चिड़िया, मछली को झपट कर उठा लेती है। प्रकृति के ये दृश्य भी समाज के व्यवहार की ओर संकेत करते हैं। समाज में कुछ कपटी, चलाक और धूर्त लोग दूसरों का शोषण करते हैं, किंतु इनके अधिकता नहीं हैं। विशेष बात तो यह है की प्रकृति का प्यार भरा रूप अधिक आकर्षक है। 

 प्रश्न:- 'आजादी' कविता में शागिर्द ने उस्ताद जी से कितने प्रकार की आजा दीयों की बात पूछी? किन्हीं दो का उल्लेख कीजिए। 

 उतर:- दर्जी से उसके शागिर्द ने पूछा कि आजादी का क्या अर्थ है? इस सवाल के साथ-साथ शागिर्द ने अपनी ओर से कई संदर्भों का वर्णन करके आजादी का अर्थ जानना चाहा। उसने अपने गुरु के सामने यह जिज्ञासा रखी कि क्या चरागाह में नन्हे-से बछड़े द्वारा उछल कूद मचाने, बेफिक्र और खुश रहने अर्थात उच्छृंखलता का नाम आजादी है?  

 प्रश्न:- कबीर ने मनुष्य की पहचान के लिए किस बात को महत्वपूर्ण माना है? दिए गए उदाहरण का उल्लेख करते हुए स्पष्ट कीजिए। 

 उत्तर :- कबीरदास जी कहते हैं कि अगर अच्छे घर-खानदान में पैदा हुए व्यक्ति का व्यवहार और उसके कर्म अच्छे न हों, तो वह उसी प्रकार निंदा का पात्र होता है, जिस प्रकार शराब भरे सोने के कलश को सज्जन निंदनीय समझते हैं। कहने का अर्थ है कि जिस प्रकार सोने का घड़ा भी अपने अंदर शराब जैसी वस्तु भरी होने के कारण अपनी महत्ता को देता है और बुराई का पात्र बनता है,उसी प्रकार अच्छे कुल या परिवार में जन्म लेने वाले व्यक्ति का आचरण अगर अच्छा न हो, तो वह भी लोगों की प्रशंसा का नहीं, बल्कि निंदा का पात्र बन जाता है। इस दोहे में कवि ने बताया है कि आदमी की पहचान उसके घर-खानदान से, उसके वर्ण और जाति से, उसके धनवान और निर्धन होने से नहीं; बल्कि उसके आचरण, उसके व्यवहार और चाल-चलन से होती है। अच्छे कर्म करने वाले व्यक्ति की प्रशंसा की जाती है और बुरे कर्म करने वाले की निंदा होती है। 

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