NIOS FREE SOLVED ASSIGNMENTS (2019-20) | PSYCHOLOGY (222) HINDI MEDIUM

 


PSYCHOLOGY (222) 2019-20

1 .b) वृद्धावस्था में होने वाली परेशानियों से निपटने के लिए किन्हीं चार विकल्पों का सुझाव दीजिए।

उत्तर:-वृद्ध अवस्था में होने वाली परेशानियों से निपटने के लिए निम्नलिखित विकल्पों का सुझाव है : 

i)लचीले पान के अभिवृत्ति विकसित करना ताकि वृद्धावस्था की समस्याओं एवं दबाव को अनुकूल किया जा सके। 

ii)यह स्वीकार करना कि किसी व्यक्ति को जीवन की घटनाओं का सामना करने के लिए नए-नए तरीके खोजने पड़ते हैं। 

iii)सूचनायें प्राप्त करके उनका अधिक से अधिक उपयोग तथा समस्याओं से तटस्थता या पलायन करने के बजाय उनके समाधान की युक्तियां खोजना। 

iv)आत्मविश्वास तथा आत्मनिर्भरता में बढ़ोतरी करना अपनी शक्तियां तथा दुर्बलता के विषय में एक स्वस्थ दृष्टिकोण विकसित करना। 

प्रश्न (2) संप्रेषण के विभिन्न प्रकारों की चर्चा करें। 

उत्तर:-संप्रेषण के विभिन्न प्रकारों की चर्चा निम्नलिखित हैं

I)मौखिक  संप्रेषण (ii) मौखिक संप्रेषण 

मौखिक संप्रेषण:-जब दो या दो से अधिक लोगों के बीच शब्दों का प्रयोग बातचीत के लिए किया जाए, तब उसे मौखिक संप्रेषण कहते हैं। यह लिखित और मौखिक दोनों रूप में हो सकता है।मौखिक संप्रेषण हमें लोगों के बीच तर्कपूर्ण बातचीत के साथ साथ जानकारी तथा दिशा भी प्रदान करता है। या हमारे जीवन की मूलभूत जरूरत है। 

ii) अमौखिक संप्रेषण:-यहां ध्यान देना बहुत आवश्यक है की अमौखिक संप्रेषण या हाव-भाव, पुणे संप्रेषण का 70% भाग होता है, जबकि शब्द केवल 10 प्रतिशत है। इसलिए मानवीय संप्रेषण के लिए  अमौखिक संप्रेषण बहुत महत्वपूर्ण है। 

प्रश्न (3) समजातीय और समलक्षणीय का अंतर एक-एक उदाहरण सहित बताएं। 

उत्तर:-समजातीय और समलक्षणीय का अंतर उदाहरण सहित निम्नलिखित हैं। 

समलक्षणीय:-किसी व्यक्ति में किसी विशिष्ट लक्षण के दिखाई देने के लिए प्रखर जीन की जिम्मेदार होता है। जो अभीलक्षण दिखाई देते हैं और प्रदर्शित होते हैं, जैसे आंखों का रंग, उन्हें समलक्षणीय कहते हैं। 

समजातीय:-प्रतिगामी जीन अपने लक्षण प्रदर्शित नहीं करते, जब तक कि वे आपने समान अन्य चीन के साथ जोड़ नहीं बना लेते। जो अभिलक्षण आनुवंशिक रूप से प्रतिगामी जीनों के रूप में आगे संचारित हो जाते हैं परंतु प्रदर्शित नहीं होते उन्हें समजातीय कहते हैं। 

प्रश्न (4) अच्छे स्वास्थ्य के लिए किस प्रकार के व्यवहार को हम अपना सकते हैं? 

उत्तर:-अच्छे स्वास्थ्य के लिए निम्नलिखित प्रकार के व्यवहार को हम अपना सकते हैं:- 

(I) आहार:-भोजन जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। मांसाहारी भोजन की तुलना में शाकाहारी भोजन हमारे स्वास्थ्य शरीर के लिए अधिक सुरक्षित और स्फूर्तिदायक होता है। 

(ii) आचार:-व्यक्ति अपनी दिनचर्या में तीन प्रकार की गतिविधियों में लिप्त रहता है। मौसम की मांग के अनुसार आहार लेना और दैनिक गतिविधियां करना रितुचर्या कहा जाता है। इसका तात्पर्य है की मौसम के अनुसार भोजन लेना और गतिविधियां करना। 

(iii) विहार:- व्यायाम और सुबह की सैर करना बिहार के सबसे प्रमुख तत्व होते हैं। या शरीर को हल्का और शक्तिशाली बनाते हैं। या हमारी प्रतिरोधक क्षमता और कार्य करने की योग्यता को बढ़ाते हैं। 

(iv) विचार:-सही विचारों से ही अच्छी और सकारात्मक मानसिक स्थिति को बनाए रखा जा सकता है। जो व्यक्ति मानसिक रूप से और स्वस्थ होता है, उसमें आत्म संतुष्टि, उदार समझ, आलोचना को स्वीकार करने की योग्यता,दूसरों की भावनात्मक आवश्यकता को समझने और आत्म नियंत्रण करने का सामर्थ्य होता है। 

प्रश्न (5) दसवीं कक्षा के बाद अपने कैरियर का चुनाव करते समय आप किन बातों को ध्यान में रखेंगे? 

उत्तर:-दसवीं कक्षा के बाद अपने कैरियर का चुनाव करते समय हम किसी विशेष क्रिया या विशेष क्रिया समूह को पसंद और नापसंद या अधिमान्यता की ओर संकेत करता है जैसे, कि वकील, डॉक्टर, इंजीनियर, संगीतज्ञ, कलाकार आदि। व्यक्ति आपने खाली समय को किस प्रकार व्यतीत करना पसंद करता है इसमें अधिकांश रुचि व्यक्तिगत होती है। रूचि एक निश्चित  क्रिया के लिये अधिमान्यता है जोकि भावनात्मक आनंद प्रदान करती है। मनपसंद कार्य रूचि पर आधारित होते हैं। यादें रूचि के क्षेत्र का भावनात्मक आनंद क्रिया से जुड़ा है, तो या आंतरिक रूचि है। बिना किसी प्रतिफल के किसी क्रिया को पसंद करना आंतरिक है। यदि भावनात्मक आनंद किसी प्रतिफल और सराहना से जुड़ा है, तो या वाहे रुचि की ओर संकेत करता है। एक विशेषतायुक्त रुचि की विस्तृत सूची में शिक्षण हेतु क्रियाओं की एक सूची होते हैं, जिसके लिए व्यक्ति अपनी पसंदगी या नापसंदगी की प्रतिक्रिया व्यक्त करता है। 

प्रश्न (6) हमारे स्वास्थ्य पर प्रदूषण के क्या प्रभाव हैं और इसे कैसे रोका जा सकता है? इस पर आधारित एक रिपोर्ट तैयार कीजिए। 

उत्तर:-हमारे स्वास्थ्य पर प्रदूषण के निम्नलिखित प्रभाव हैं पर्यावरण का मानव जीवन पर रचनात्मक और विध्वंसक दोनों प्रकार का प्रभाव पड़ता है। सर्वप्रथम हमें प्रदूषण को समझ लेना चाहिए। प्रदूषण वायु, धरती और जल की भौतिक, रासायनिक और जैविक विशेषताओं में होने वाला अवांछित परिवर्तन है, जो जीवन को हानिकारक रूप से प्रभावित करता है।

(i) वायु प्रदूषण से हमारे  स्वास्थ्य में होने वाले खतरे से सभी परिचित हैं या माना जाता है कि 50-90 प्रतिशत कैंसर वायु प्रदूषण के कारण होते हैं। दूसरी अन्य प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं मिर्गी, स्मृति बाधाएं, दृष्टि एवं श्रवण संबंधी विकार और अस्थमा के दौरे आदि हैं।
(ii) जल प्रदूषण:-जल प्रदूषण से उत्पन्न होने वाली अनेक बीमारियां है जैसे दस्त, आंतो में कीड़े, हेपेटाइटस आदि।
(iii) ध्वनि प्रदूषण:-अनुशंसित स्तर से ऊंचा शोर हमारे स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालता है। इससे कान का पर्दा दुर्बल हो सकता है, जो लोग निरंतर शोर में कार्य करने के आदी हैं वे चिंता और संवेगात्मक दबाव का अनुभव करते हैं।

प्रदूषण के रोकने के चार् उपाय निम्नलिखित हैं।

(I) पानी के अनावश्यक उपयोग से बचाकर पानी का संरक्षण करें। 

(ii) सामान ले जाने या लाने के लिए कागज अथवा कपड़े के थैले का उपयोग करें। 

(iii) अधिक से अधिक पेड़ लगाएं क्योंकि फिर हमें सांस लेने के लिए आक्सीजन प्रदान करते

हैं। 

(iv) यदि किसी के पास बगीचा है। तो वह सब्जी के कचरे को इधर-उधार ना फेक कर कचरे को मूल रूप से खेतों में खाद्य के रूप में उपयोग करें।

 

 

 

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