NIOS FREE SOLVED ASSIGNMENTS (2019-20) | भारतीय संस्कृति और विरासत(223) TMA | 2019-2020 hindi medium


1.(a)इतिहास का शुद्ध अध्ययन किन दो बातों पर निर्भर है? विश्लेषण कीजिए। 
उत्तर:-इतिहास का शोध अध्ययन निम्नलिखित बातों पर निर्भर करता है।
(I) धार्मिक अवस्था 
(I) प्राचीन शिलालेखों, भूमिलेखों, तामपत्रों, राजमुद्राओं, अस्त्रों- शास्त्रों, खंडहरों, बर्तनों आदि। 
इतिहास का शुद्ध अध्ययन अपने बीते हुए समय को जानने का एक तरीका है, इतिहास हमें बताता है कि हमारे पूर्वज किस प्रकार और कैसे जीवन व्यतीत करते थे। उन्हें कौन-कौन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और उन्हें कैसे उन पर विजय प्राप्त की। यह साड़ी बातें हम पर इतिहास के अध्ययन के माध्यम से पाते हैं। इसलिए इतिहास का शुद्ध अध्ययन आवश्यक है। 
2.(b) हड़प्पा काल के मुख्य व्यवसायों के किन्हीं दो लक्षणों की जांच कीजिए। 
उत्तर:-हड़प्पा काल के मुख्य व्यवसाय कृषि पर आधारित था। यहां के लोग गेहूं, जौ, सरसों, मटर इत्यादि उपजाते थे। गेहूं और जौ की खेती दो प्रकार की होती थी बनवाली से जौ की खेती के साक्ष्य मिले हैं, लोथल से चावल की खेती के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। जिसका उपयोग वह सामान ढोने के लिए करते थे। उपर्युक्त व्यवसायों के अतिरिक्त हड़प्पा लोगों का अन्य व्यवसाय था-मिट्टी के बर्तन बनाना, कपड़ा बुनना, रंगाई एवं चित्रकारी करना। 
3.(a) य कैसे निष्कर्ष निकाला जा सकता है की पल्लव कला और वास्तुकला के बहुत बड़े प्रशंसक थे
उत्तर:-पल्लव कला और वास्तुकला द्रविड़ कला और वास्तुकला के प्रारंभिक चरण का प्रतिनिधित्व करते हैं। जो चोल राजवंश के तहत अपने पूर्ण सीमा तक खिल गया। दक्षिण भारत के पहले पत्थर और अपने मंदिरों का निर्माण पल्लवारूले के दौरान किया गया था। और पहले एक और लकड़ी के प्रोटोपाईप पर आधारित थे। पल्लव समाज आर्य संस्कृति पर आधारित था। राजाओं द्वारा ब्राह्मणों का संरक्षण किया गया और उन्हें जमीन और गांव मिले। पल्लव राजा रूढ़ीवादी हिंदू थे। शिव और विष्णु की पूजा करते थे। वह बौद्ध धर्म और जैन धर्म के प्रति भी सहिष्णु थे।
 4.(b) इस्लाम के किन्ही चार मुख्य सिद्धांतों का विश्लेषण कीजिए। 
उत्तर:-इस्लाम धर्म के संस्थापक हजरत मोहम्मद साहब का जन्म करीब 571 ईस्वी में अरब के कुरैश कबीले में हुआ। मोहम्मद साहब को 610 ईसवी में एक नया अनुभव प्राप्त हुआ। इस नए अनुभव के आधार पर अरब देशों में बहुईश्वरवाद का अनेक देवी-देवताओं पर आस्था का स्थान एकेश्वरवाद में ले लिया। 
मोहम्मद साहब ने इस्लाम धर्म चलाया जो धीरे-धीरे अरब से बाहर निकलकर अन्य देशों में फैलता गया। इस्लाम धर्म के मुख्य सिद्धांत:- 
(I) इस्लाम के अनुसार ईश्वर एक है। 
(ii) मोहम्मद साहब आखरी और महानतम पैगंबर है। 
(iii) इस्लाम धर्म यहूदियों और ईसाइयों के पैगंबरों को भी मान्यता देते हैं। 
(iv) सदाचार, दया, और करुणा का जीवन व्यतीत करना चाहिए। 
(V) हज करना चाहिए और कुरान का पाठ करना चाहिए।  
5.(a) भक्ति आंदोलन लोगों में कैसे इतना लोकप्रिय हो गया? अपने उत्तर की पुष्टि किन्ही चार लड़कों के साथ कीजिए। 
उत्तर:-मध्यकालीन भारत में अनेक महत्वपूर्ण घटनाएं घटित हुई, जिनमें भक्ति आंदोलन का उदय भी एक महत्वपूर्ण घटना थी। इस आंदोलन ने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों को व्यापक रूप से प्रभावित किया। भक्ति आंदोलन हिंदू धर्म के अंतर्गत एक सुधारवादी आंदोलन था। मध्यकालीन भारतीय समान विशेषकर हिंदू समाज, कठोर जाति प्रथा, खर्चीली कर्मकाड़ो, पुरोहितों और ब्राह्मणों के प्रभाव के कारण अत्यंत विकृत हो चुका था। ऐसे में तत्कालीन भक्त संतों ने समाज को कुप्रथाओं से निकालने का प्रयास किया। 
जिसके परिणामस्वरूप भक्ति आंदोलन का उदय हुआ
 यह एक देशव्यापी सामाजिक-धार्मिक आंदोलन था। इस आंदोलन का प्रभाव विविध रूपों में परिलक्षित हुआ।
 6.(a) किन्हीं चार सामाजिक तथा धार्मिक सुधारकों की पहचान कीजिए। 
उत्तर:सामाजिक सुधार:- 
(I) सती प्रथा को समाप्त करना। 
(ii) विधवाओं का पुनर्विवाह के पक्ष में फैसला लेना। 
(iii) उन्होंने बाल विवाह को समाप्त करना। 
(iv) जाति पात और छुआछूत का भेदभाव समाप्त करना। 
धार्मिक सुधार:-(I)वेदों की शिक्षा पर बल देना। 
(ii) ईश्वर को निर्गुण,सर्वव्यापक, सर्वशक्तिमान,अगम्य अगोचर और अजन्म स्वीकार और विश्वास करना। 
(iii) धार्मिक कर्मकांडो का विरोध करना। 
(iv) जीवन की शुद्धता पर बल देना और सदाचार को अपनाना। 
6.(ii) समाज में उनके योगदानों पर एक रिपोर्ट बनाएं तथा उनके परिणामों को उजागर कीजिए। 
उत्तर:-उन्होंने अपनी मांगों के द्वारा सरकार को निवारण के लिए विवश किया उन्होंने स्त्रियों की दशा सुधारने तथा शिक्षा के प्रचार-प्रसार पर बल दिया उन्होंने हिंदू-मुस्लिम एकता को मजबूत करने का लक्ष्य रखा। उन्होंने संकीर्णता और अलग-थलग पड़े रहने की प्रवृत्ति का विरोध किया और उदारता, सहनशीलता का प्रचार किया। 
6.(iii) भारत में जागृति लाने में समाज सुधारकों ने किस प्रकार योगदान दिया? 
उत्तर:-भारतीय समाज सुधारक जैसे: राजा राममोहन राय, स्वामी विवेकानंद, नारायण गुरु, पंडिता रमाबाई, सभी ने समाज को सुधारने तथा समाज में जागृति लाने के लिए बहुत से सकल कार्य किया हैं। 18 वीं शताब्दी की सामाजिक स्थिति बड़ी दयनीय थी। समाज जात-पात लिंग-भेदभाव की रूढ़ियों से जकड़ा था। समाज में महिलाओं की स्थिति कमजोर थी, कन्या का जन्म अशुभ माना जाता था। समाज में बाल विवाह प्रचलित था। विशेष रूप से ऊंची जातियों में विधवाएं  रंगीन कपड़े नहीं पहन सकती थी। और नहीं वे विवाह में भाग ले सकती थी। 
इन्हीं सामाजिक बुराइयों को भारतीय सामाजिक सुधारकों ने ठीक करने का सफल प्रयास किया।



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