NIOS SUBJECT NAME: हिंदी (301)ASSIGNMENTS 2019-2020


1.(क)प्रश्न:-आपने तुलसीदास रचित 'रामचरितमानस' से उद्धृत 'भारत का भातृप्रेम' पड़ा। आज के समाज में पारिवारिक सौहार्द के लिए भरत जैसे भाइयों की नितांत आवश्यकता है। टिप्पणी करें।
उत्तर:-चित्रकूट में राम ने भारत के स्वभाव की बड़ी प्रशंसा की। उनका रुख देखकर वशिष्ठ ने भारत को संकेत दिया कि वे अपने ह्रदय की बात राम के समक्ष रखें। यही तो भारत चाहते थे। वे ऐसे अवसर की प्रतीक्षा में ही थे कि कब गुरु वशिष्ठ और राम दोनों अनुकूल हो। अवसर प्राप्त होने पर उनके शरीर में सिहरन हुई।वह सभा के समक्ष बोलने के लिए खड़े तो हुए पर बोलने से पूर्व उनकी आंखों से प्रेम के आंसू बहा चले। फिर बोले-मुझे जो कहना था वह तो मुनियों में श्रेष्ठ गुरु वशिष्ठ ने स्वयं का ही दिया है, मैं उससे अधिक क्या कहूं। मैं अपने भाई राम के स्वभाव से बचपन से ही परिचित हूं। मैंने उन्हें कभी भी अपराधी पर क्रोध करते नहीं देखा। और मुझ पर तो उनकी विशेष कृपा रही है। बचपन में आपस में खेलते समय भी मैंने उन्हें कभी अप्रसन्न नहीं देखा। मेरे बड़े भाई की मुझ पर सदैव इतनी अधिक कृपा रही है कि यदि मैं कभी खेल में हार भी जाता तो तो भी वे मुझे जीता ही देते थे। परंतु आज के समाज में और आज के समय में ऐसा पारिवारिक मातृप्रेम देखने को बहुत ही दुर्लभ है। 

2.(ख) प्रश्न:-राजेंद्र उपाध्याय की कविता 'कठपुतली' आपके समक्ष कौन-कौन चुनौतियां रखती है? आप इन चुनौतियां का सामना कैसे करेंगे ? 
उत्तर:-राजेंद्र उपाध्याय की कविता 'कठपुतली'हमारे सामने निम्नलिखित चुनौतियां रखती हैं। 
(I) दूसरों के हिसाब से जीने की चुनौतियां, जब हम दूसरों के हिसाब से जीते हैं तो हम अपने मन की नहीं कर पाते हैं। 
(ii) यदि हम किसी बंधन में हैं, स्वतंत्र नहीं है तू या हमारे लिए चुनौती है। 
"चुनौतियों का सामना" 
(I) अपनी मर्जी से अपने मन मुताबिक जीवन व्यतीत करके हम  चुनौती का सामना करेंगे। 
(ii) खुद को सभी बंधनों से स्वतंत्र करके हम चुनौतीयों का सामना करेंगे। 

3.(क) प्रश्न:-'एक था पेड़ और एक था ठूंठ' पाठ में लेखक ने जीवन में सामंजस्य और संबंधों पर बल दिया है। इस बारे में अपने विचार लिखें। 
उत्तर:-यहां पर लेखक ने बहुत ही अच्छे तरीके से जीवन की मौलिक ढांचे के बारे में जिक्र किया है। पेड़ को लेखक ने जीवन से ताल-मेल बैठा कर आगे बढ़ने वाले व्यक्तियों के साथ तुलना किया है। इन लोगों का जीवन एक आकर्षक और हरे-भरे पैर की भांति हर वक्त आनंदमय बन कर रहता है। वहीं दूसरी तरफ लेखक ने ठूंठ को जीवन के परिस्थितियों में अड़ कर रहने वाले व्यक्तियों के संदर्भ में कहा है। इन व्यक्तियों का जीवन हमेशा से खामोश और बेदाग सा प्रतीत होता है। 

4.(क) प्रश्न:- "पीढ़ियां और गिटटियां"पाठ के आधार पर आज के संदर्भ में 2 पीढ़ियों के संघर्ष का सोदाहरण वर्णन करें। 
उत्तर:-  "पीढ़ियां और गिटटियां" पीढ़ियां वय(उम्र) और अनुभव के भेद को दर्शाती हैं पुरानी पीढ़ी के अंतर्गत वृद्ध माता पिता गुरु आदि आते हैं तथा नई पीढ़ी के अंतर्गत युवा शिष्य एवं हर पीढ़ी की अपनी अपनी अलग सोच होती है जो पीढ़ी के बदलते ही नया रूप ग्रहण ले लेती है प्राय: पीढ़ी यह क्रम 12 से 16 वर्ष में बदल आता है क्योंकि लगभग इतने समय में ही छोटे बच्चे युवक बस जाते हैं। गीटटियां होती है ढेले जैसे छोटे-छोटे पत्थर या इसी प्रकार का कोई अन्य तत्व। एपीजे दूसरी पीढ़ी को गीटटियां मारती है पत्थर मारती है अर्थात प्रताड़ित करती है। नई पुरानी वीडियो में कोई भी अपने को दूसरे से नीचे नहीं देखना चाहता इसलिए दोनों में संघर्ष चलता रहता है संघर्ष प्राय: विचार सोच मौत के धरातल पर होता है लेखक ने संकेत से इसे ही गीटटियां कहा है। 

5.(क)प्रश्न:-'दो कलाकार'कहानी में आपको कौन-सी कलाकार अधिक प्रभावित करती है? कारण सहित स्पष्ट करें। 
उत्तर:-अरुणा एक मध्यमवर्गीय परिवार की लड़की है जो संस्कारों से परोपकारी तथा कर्म के प्रति समर्पित है। वह समाज सेवा के लिए हमेशा तैयार रहती है। कभी वह आस-पास के बच्चों को पढ़ाती-लिखाती है नहीं तो सारे दिन बस भटकती रहती है। अरुणा के हृदय में समाज-सेवा के लिए इतना उत्साह है कि वह प्रधानाचार्य से स्वयंसेवकों के दल के साथ जाने के लिए अनुमति पा लेती है।अरुणा जो वास्तव में कलाकार के रूप में हमारे सामने उभरकर आती है और बिना किसी स्वार्थ के गरीब, निर्जन लोगों की सेवा करती है। चित्रा भले ही कलाकार थी मगर वह प्रसिद्धि पाने के लिए चित्र अंकित थी। दिखावे से समाज सेवा नहीं होता है। अरुणा समाज के लोगों की सेवा करती है। उनके सुख-दुख को समझती हैं। सही कलाकार के रूप में उभरी हैं। 

6.(क)प्रश्न:-वर्तमान समय में सोशल मीडिया का अत्यंत प्रचलन है। आप अपने 5 मित्रों के साथ सोशल मीडिया के लाभ और हानियों पर चर्चा कीजिए। तत्पश्चात वर्तमान समाज में सोशल मीडिया लाभ और हरिया विषय पर परियोजना तैयार कीजिए। 
उत्तर:-सोशल मीडिया एक ऐसा मीडिया है, जो बाकी सारे मीडिया (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और समानांतर मीडिया) से अलग है। सोशल मीडिया इंटरनेट के माध्यम से एक वर्चुअल वर्ल्ड बनाता है जिसे उपयोग करने वाला व्यक्ति सोशल मीडिया के किसी प्लेटफार्म (फेसबुक, टि्वटर, इंस्टाग्राम) आदि का उपयोग कर पहुंच बना सकता है। 
वेब दुनिया में पढ़ें:-सोशल मीडिया क्या वाकई सोशल है? 
आज के दौर में सोशल मीडिया जीवन का एक अहम हिस्सा बन चुका है जिसके बहुत सारे फीचर है, जैसे कि सूचनाएं प्रदान करना। 
सोशल मीडिया क्या है? 
सोशल मीडिया एक अपरंपरागत मीडिया (non traditional media) है। यह एक वर्चुअल वर्ल्ड बनाता है जिसे इंटरनेट के माध्यम से पहुंच बना सकते हैं। सोशल मीडिया एक विशाल नेटवर्क है, जो कि सारे संसार को जोड़ें रखता है। यह संसार का एक बहुत अच्छा माध्यम है। या द्रुत गति से सूचनाओं के आदान प्रदान करने, जिसमें हर क्षेत्र की खबरें समाहित होती है। 
जिस प्रकार एक सिक्के के दो पहलू होते हैं, ठीक उसी प्रकार सोशल मीडिया के भी दो पक्ष है, जो इस प्रकार है,दैनिक जीवन में सोशल मीडिया का प्रभाव:- 
(I) यह बहुत तेज गति से होने वाला संचार का माध्यम है। 
(ii) यह जानकारी को इकट्ठा करता है। सरलता से समाचार प्रदान करता है। 
(iii) सोशल मीडिया सभी वर्गों के लिए है, जैसे कि शिक्षित वर्ग हो या अशिक्षित वर्ग।
(iv) यहां किसी प्रकार से कोई भी व्यक्ति किसी भी कंटेंट का मालिक नहीं होता है। 
(v) फोटो, वीडियो, सूचना, डाक्यूमेंट्स, आदि को आसानी से शेयर किया जा सकता है। 
सोशल मीडिया का दुष्प्रभाव:- 
(I) यह बहुत सारी जानकारी प्रदान करता है जिनमें से बहुत सी जानकारी भ्रामक होती है। 
(ii) जानकारी को किसी भी प्रकार से तोड़-मरोड़कर पेश किया जा सकता है। 
(iii) किसी भी जानकारी का स्वरूप बदलकर उकसाने वाली बनाई जा सकती है जिसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं होता। 
(iv) यहां कंटेंट का कोई मालिक ना होने से मूल स्रोत का भाव होना। 
(v) फोटो या वीडियो की एडिटिंग करके भ्रम फैला सकते हैं जिनके द्वारा कभी-कभी दंगे जैसी आशंका भी उत्पन्न हो जाती है। साइबर अपराध सोशल मीडिया से जुड़ी सबसे बड़ी समस्या है।

Post a Comment

0 Comments